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IMD का 72 घंटे का भारी अलर्ट: यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में तूफानी बारिश, 80 KM/H हवाएं और वज्रपात का खतरा

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IMD ने अगले 72 घंटे के लिए यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी (70–80 किमी/घंटा), वज्रपात और जलभराव का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ा।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश में मानसून अब तेजी से सक्रिय हो चुका है और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन मिलकर एक मजबूत मौसम प्रणाली तैयार कर रहे हैं जिसका असर अब उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा है और पिछले कुछ दिनों से जहां कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप था वहीं अब मौसम तेजी से बदल रहा है और आने वाले 72 घंटे देश के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं क्योंकि इस दौरान कई राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह सिस्टम सामान्य बारिश का नहीं बल्कि एक सक्रिय और तेज मौसमीय गतिविधि का हिस्सा है जिसमें कई जगहों पर तेज हवाएं पेड़ों को गिरा सकती हैं बिजली व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर सकती हैं जबकि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है और सड़क यातायात बाधित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने की संभावना है जहां मेरठ गाजियाबाद आगरा कानपुर वाराणसी गोरखपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाएं चल सकती हैं वहीं बिहार में पटना गया मुजफ्फरपुर भागलपुर पूर्णिया और किशनगंज सहित कई जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है और इसके साथ ही वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है जिससे ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है क्योंकि खुले मैदान पेड़ों और बिजली के खंभों के पास रहना खतरनाक हो सकता है।

दिल्ली एनसीआर में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है जहां 10 से 11 जून के बीच तेज धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है और हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान में प्री मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और जयपुर अजमेर उदयपुर बीकानेर सहित कई जिलों में धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जहां तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है जहां रांची धनबाद जमशेदपुर और कोलकाता हावड़ा हुगली जैसे क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है और तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल रहा है जहां भोपाल इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई मार्ग बाधित हो सकते हैं इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करें क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति अचानक गंभीर हो सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों असम अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है जिससे प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

दक्षिण भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है जहां केरल कर्नाटक तमिलनाडु तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया गया है और तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

कुल मिलाकर अगले 72 घंटे देश के मौसम के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं जहां कई राज्यों में राहत की बारिश भी होगी और कुछ जगहों पर यह मौसम चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है इसलिए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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